रांची- झारखंड सरकार ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है. शिकायत सरकार की प्रधान सचिव वंदना डाडेल ने पत्र लिखकर किया है. झारखंड सरकार ने चुनाव आयोग से मांग की है कि दोनों नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये.
पत्र में हिमंता बिस्वा सरमा और शिवराज सिंह चौहान की शिकायत करते हुए कहा गया है कि ये झारखंड के विभिन्न समुदायों के बीच में नफरत फैला रहे हैं. साथ ही राज्य के शीर्ष अफसरों को धमकी दे रहे हैं. हिमंता बिस्वा सरमा ने झूठे बयान दिये हैं. क्या यह राज्य, राज्य के शीर्ष अफसरों और सरकारी पदाधिकारियों का चरित्र हनन नहीं है?
पत्र के मुताबिक, दोनों नेताओं के दौरे के दौरान यह पाया गया है कि उनके भाषण व बयान उत्तेजक, शत्रुतापूर्ण और झारखंड के प्रशासन के खिलाफ होते हैं. दोनों नेता डीजीपी, एसएसपी, एसपी जैसे शीर्ष अधिकारियों की गतिविधियों के खिलाफ बयान देते हैं.
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पत्र के साथ हिमंता बिस्वा सरमा और शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट की स्क्रीनशॉट भी चुनाव आयेग को भेजी गयी है. पत्र में यह भी कहा गया है कि भाजपा नेताओं के बयान सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले हैं.
पत्र में देवघर के पूर्व डीसी मंजूनाथ भजंत्री को चुनाव ड्यूटी से हटाने वाली घटना का जिक्र उदाहरण के तौर पर किया गया है. साथ ही पत्र में राज्य के तत्कालीन डीजीपी एमवी राव, देवघर के तत्कालीन एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग और एसपी पीयूष पांडेय के खिलाफ हुई शिकायतों का भी जिक्र किया गया है.
झारखंड सरकार ने चुनाव आयोग से अपील की है कि शीर्ष अफसरों के खिलाफ की गयी शिकायतों की जांच करते समय निष्पक्षता सुनिश्चित की जाये. शिवराज सिंह चौहान और हिमंता बिस्वा सरमा को राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी खर्चे पर राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग ना करने की सलाह दें.
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