पटना- विवादों में घिरे ऊर्ज विभाग के प्रधान सचिव आईएएस संजीव हंस को उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. संजीव हंस के खिलाफ ईडी की जांच चल रही है. उनपर गैंगरेप और आय से अधिक संपत्ति आर्जित करने का आरोप है.
आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय का छापेमारी चल रही है. हालिया दिनों में ही उनके कई ठिकानों पर छापेमाली की गई. वहीं उनके साथ बिजनेस पार्टनर को भी ईडी ने बुलाकर अपने ऑफिस में पूछताछ की, जिसमें कई राज खुले हैं.
इसके बाद लगातार संजीव हंस समस्याओं में घिरते चले गए. उनसे जुड़े कई लोगों से भी पूछताछ की गई और उनके दिल्ली पटना समेत ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी की गई.
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ED की कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, साथ-साथ उनके कई कारनामों का भी खुलासा हुआ है. इसके बाद बिहार सरकार ने कार्रवाई करते हुए 1997 बैच आईएएस अधिकारी संजीव हंस ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के पद से हटा दिया है.








