पटना- पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में 3-4 युवराज हैं, जो अपने क्षेत्र में जाने के बजाय दूसरी गतिविधियों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि एक युवराज एक दिन अपने क्षेत्र गए और 5-6 घंटे बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। अगले दिन उन्हें MLC का चयन करना था, इसलिए क्षेत्र में नहीं गए। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि शायद माल गिनने में समय लग गया होगा।
उन्होंने चिराग पासवान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बिहार की जनता की चिंता नहीं है और वे मूर्ति लगवाने में व्यस्त हैं। पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने बाढ़ को लेकर कहा था कि यह सत्ता पक्ष का काम है और विपक्ष अपनी ओर से जितना संभव है, उतना कर रहा है।
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पप्पू यादव ने कहा कि विपक्ष का काम क्या सिर्फ झुनझुना हिलाना है? उन्होंने आरोप लगाया कि नेता जनता के बीच जाने के बजाय माल कमाने और विदेश जाने में लगे हैं। उन्होंने राघोपुर और हाजीपुर नहीं जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार ज्ञान और साहित्य की तपोभूमि है, लेकिन आज 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कोसी और गंगा के पानी के बीच लोग जिंदगी बिता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवाइयां और ब्लीचिंग पाउडर तक उपलब्ध नहीं हैं।
पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि जब राजनीति करनी होती है तो नेपाल को इतनी मदद देने की बात कही जाती है, लेकिन बिहार की बारी आने पर कुछ नहीं कहा जाता। उन्होंने पूछा कि क्या बिहार भारत से बाहर है? क्या बिहार की जनता भारत से बाहर है?
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एक चीनी मिल तक शुरू नहीं करवा पाए। अमित शाह से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि बाढ़ को लेकर जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ?
पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव के समय नेता हेलीकॉप्टर से बिहार आते थे, लेकिन जब जनता की बारी आई तो हेलीकॉप्टर गायब हो गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोग जानवरों और कीड़ों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि उनके पास CAG की पूरी रिपोर्ट है, जिसमें कब-कब कितना पैसा खर्च हुआ, इसकी जानकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर चारों तरफ सड़कें बना दी गईं, जिससे नदियों का पानी निकलने की जगह तक नहीं बची।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में 3-4 जिलों को छोड़कर बिहार के लगभग सभी जिले बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ पांच मिनट के लिए कहीं भी हवाई सर्वेक्षण करने चले जाते हैं।
एक जगह लोगों के साथ खाना खाया, फोटोग्राफी हुई और काम खत्म हो गया। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति में सिर्फ हवाई सर्वेक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा।








