गिरिडीह- ACB धनबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के जेई अंकुश कुमार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. अंकुश की गिरफ्तारी धनवार थाना इलाके के गांधी चौक के पास अवस्थित एक दुकान से की गई.
अंकुश कुमार राजधनवार में मनरेगा के कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत है. आरोप है कि उनको पांच हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया है. जहां वह नई योजना के लिए लाभुक से रिश्वत ले रहे थे. गिरफ्तारी के बाद आरोपी अंकुश से लंबी पूछताछ भी हुई है.
जानकारी अनुसार, एसीबी के पास शिकायत की गई थी कि नई योजना के लिए मनरेगा का जेई लोगों से रिश्वत की मांग करता है. लिखित शिकायत मिलने के बाद एसीबी के एसपी के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन किया गया.
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सत्यापन में शिकायत सही मिली. ऐसे में शनिवार को योजना तैयार की गई. तय योजना के तहत एसीबी की टीम धनवार पहुंच गई. यहां अंकुश को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तारी के दौरान जेई हंगामा करने लगा. वह जमीन पर जा बैठ गया. हालांकि फिर मौके पर मौजूद एसीबी की टीम ने उसे वाहन में बैठाया और अपने साथ ले गई.
गिरफ्तारी के बाद धनवार में हंगामा हो गया. यहां विहिप के प्रखंड अध्यक्ष राजेश यादव और एसीबी की टीम उलझ गई. नौबत धक्का-मुक्की तक आ गई.
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इस मामले पर राजेश यादव ने कहा कि पिछले दिनों धनवार में फर्जी जीएसटी टीम ने जेवर कारीगर को लूट लिया था. ऐसे में आज जब जेई को पकड़ा गया तो वह मौके पर पहुंचे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर एसीबी छापेमारी कर रही है तो लोकल पुलिस की टीम को भी साथ में होना चाहिए. उन्होंने ये एसीबी टीम के असली होने पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने टीम से आरोपी को लेकर थाने चलने की बात कही, हालांकि एसीबी की टीम थाने नहीं जाकर धनबाद जाने लगी. इसका विरोध करने पर उसके साथ धक्का-मुक्की की गई.








