पटना- तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि बिहार देश के लगभग हर प्रमुख विकास सूचकांक में सबसे नीचे है। उन्होंने साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, किसानों की आय, निवेश, बिजली खपत, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में बिहार की बदहाल स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कई सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े आंकड़े गिनाए और 21 वर्षों के शासन पर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने अपराध, बेरोजगारी, गरीबी, पलायन और प्रदूषण को लेकर भी बिहार की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने कहा कि इतने लंबे शासन के बावजूद बिहार की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष पर आरोप लगाती रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को खुले मंच पर बहस की चुनौती भी दी।
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तेजस्वी के इस हमले पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, तेजस्वी यादव की बातों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता।’ नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘तेजस्वी अपने पिता का संदेश लेकर केरल गए थे, लेकिन वहां अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने में असफल रहे।’
उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘आरजेडी शासन में “जमीन लेकर नौकरी देने” जैसी परंपरा रही, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी तरीके से लाखों शिक्षकों की बहाली की है।’
नीरज कुमार ने आगे कहा कि, ‘नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत संरचना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ है।’ उन्होंने तेजस्वी यादव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे कहीं भी, कभी भी सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि, ‘जेडीयू का कोई भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी तेजस्वी के दावों का जवाब देने में सक्षम है।’
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जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जनता ने बार-बार एनडीए को जनादेश दिया है, जो सरकार के विकास कार्यों पर भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने तेजस्वी को अपने पुराने और नए बयानों की तुलना करने की चुनौती देते हुए कहा कि सच्चाई आईने की तरह सामने आ जाएगी।








