रांची- ईद, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर गुरूवार को राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक की. सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी (ऑपरेशन) टी कंडास्वामी, आईजी (स्पेशल ब्रांच) प्रभात कुमार, आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज और आईजी (प्रोविजन) मयूर पटेल मौजूद थे.
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के आला अधिकारियों और सभी जिलों के पदाधिकारियों को त्यौहार के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक मौजूद थे.
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सीएम ने पर्व- त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा, साफ-सफाई और बिजली-पानी की आपूर्ति समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सभी पर्व -त्यौहार संपन्न हो. त्यौहार के नाम पर अशांति, हिंसा और उप्रदव नहीं हो. ऐसे में पुलिस- प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहे.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के साथ हनुमान जयंती और महावीर जयंती समेत कुछ और पर्व भी मनाने की परंपरा चलती आ रही है.
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ऐसे में इन सभी पर्व- त्यौहारों के संपन्न होने तक सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिये. इस दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की तैनाती रहे. सुरक्षा में तैनात सभी जवान हर वक्त सतर्क रहें और इनफॉर्मर्स को भी जोड़ें ताकि कोई भी एक्टिविटी की जानकारी तुरंत प्रशासन के पास पहुंच सके.
उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि संवेदनशील इलाकों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए.
उन्होंने सभी जिलों से कहा कि पर्व, त्यौहार के मौके पर निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर जुलूस रूट तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों की विशेष निगरानी होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व- त्योहारों की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चों की भागीदारी भी होती है. ऐसे में उनकी सुविधा तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर किसी वजह से कोई अप्रिय घटना हो जाए तो उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सारी तैयारियां होनी चाहिए. साथ ही जुलूस मार्ग में जगह-जगह सेफ जोन बनाकर रखे.
यहां आपातकालीन स्थिति से निपटाने की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि कोई घटना अथवा दुर्घटना होती है तो लोगों को ऐसे सेफ जोन में सुरक्षित लाया जा सके.








