रांची- कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन बुधवार को राज्य के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से बहाल होने वाले तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मियों के मामले में आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा राज्य के नौजवानों के शोषण का मुद्दा उठाया.
सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से थर्ड और फोर्थ ग्रेड में सारे विभाग में मैनपावर की आपूर्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से हो रही है और वहां नौजवानों का शोषण हो रहा है. राज्य के नौजवानों से मोटी रकम लेकर उन्हें बहाल किया जा रहा है. उन्होंने सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की है.
पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार ने आउटसोर्सिंग कंपनी पर नकेल डालने के लिए “मैन पावर प्रोक्योरमेंट मैन्युअल 2025” बनाया है, लेकिन यह राज्य के नौजवानों का शोषण रोकने में सक्षम नहीं है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
प्रदीप यादव ने कहा कि खुद सरकार के मंत्री भी इसे स्वीकार रहे हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अस्थायी बहाली में भी अगर शोषण होगा तो फिर राज्य के नौजवान क्या करेंगे.
प्रदीप यादव ने उम्मीद जताई है कि आज विधानसभा में उनके द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद स्थितियों में सुधार होगा और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा नौजवानों से नौकरी के नाम पर मोटी रकम वसूली पर रोक लगेगी.
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि “मैन पावर प्रोक्योरमेंट मैन्युअल 2025” में कुछ प्रशंसनीय प्रावधान भी हैं, जैसे 100% बहाली झारखंड के नौजवानों की होगी, तीन लोगों का पैनल बनाकर परीक्षा और साक्षात्कार लिया जाएगा, लेकिन ये प्रावधान व्यवहारिक तौर पर लागू नहीं होते हैं.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
एक सवाल के जवाब में प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य में विभाग की ओर से कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल कर्मियों के स्थायी करने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है, लेकिन उसका लाभ मिलने में अभी वक्त लगेगा.








