पटना- NEET छात्रा मामले में गिरफ्तार बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई ढाई घंटे तक चली। मनीष रंजन को कोर्ट से जमानत नहीं मिली है।
अब याचिका पर 2 मार्च को सुनवाई होनी है। CBI को आज भी कोर्ट ने फटकार लगाई है। CBI से पूछा है कि आपने पॉक्सो क्यों नहीं लगाया?
कोर्ट ने SIT को भी निशाने पर लिया। कहा आपके पास तो अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है। इस पर आप जवाब दीजिए कि मनीष रंजन की जरूरत आपको है या नहीं? SIT से भी यही सवाल कोर्ट ने पूछा। कोर्ट ने कहा कि मनीष पर आरोप क्या है? इसके खिलाफ सबूत क्या है?
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SIT ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये प्रभाशाली व्यक्ति हैं। इस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अब हमें इनकी जरूरत नहीं है। क्योंकि, अब जांच CBI कर रही है। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार भी मौजूद था।
वहीं, कोर्ट ने चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन थानेदार और शुरुआत में IO रही रौशनी कुमारी से कई सवाल पूछे। साथ ही SIT को लीड कर सचिवालय SDPO-1 डॉ. अन्नू कुमारी से भी सवाल किया गया है। मनीष रंजन कब-कहां थे? वो बिहार से बाहर कब गए? उन्हें कब पकड़ा? उनका स्टेटमेंट क्या था?
सवालों का जवाब देते हुए कोर्ट को डॉ. अन्नू ने बताया कि CDR खंगाला गया है। उससे इनके लोकेशन को मिलाया गया है। NEET छात्रा मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम शुक्रवार को प्रभात अस्पताल पहुंची थी। जहां एक महिला स्टाफ से 5 घंटे तक पूछताछ की।
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बता दें मनीष रंजन पिछले 45 दिनों से पटना के बेउर जेल में बंद है। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल जिस बिल्डिंग में चला करता था, ये उसी का मालिक है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले में बवाल बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई की थी।
14 जनवरी को पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने पर वहां से मनीष को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया था। तब से वो जेल में ही बंद है।








