पटना- नीट छात्रा रेप-मौत मामले में जेल में बंद मनीष रंजन की जमानत याचिका पर गुरुवार को पटना के कोर्ट में सुनवाई हुई। करीब एक घंटा बहस चलने के बाद कोर्ट ने मनीष रंजन को जमानत नहीं दी है।
अब तक की जांच पर कोर्ट ने सवाल उठाया है। लापरवाही सामने आने पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए जांच अधिकारियों को कहा कि क्यों न आपके ऊपर ही केस कर दिया जाए?
सुनवाई के दौरान पटना पुलिस से सचिवालय SDPO-1 अन्नू कुमारी खुद मौजूद थीं। उनके साथ CBI की टीम भी मौजूद थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।
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पिछले 43 दिनों से मनीष राजधानी के बेऊर जेल में बंद है। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल जिस बिल्डिंग में चलाता था, मनीष उसी का मालिक है। मामले में बवाल बढ़ने के बाद पटना पुलिस ने मनीष के खिलाफ कार्रवाई की थी।
छात्रा की मौत के तीसरे दिन यानी 14 जनवरी को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। वहां से इसे ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया। तब से मनीष बेऊर जेल में बंद है।
स्पेशल PP सुरेश चंद्र प्रसाद के अनुसार, पहले पटना पुलिस और फिर बाद में CBI ने इस केस की जांच में गड़बड़ी की है। मनीष रंजन को गिरफ्तार करने के बाद उससे कभी पूछताछ हुई ही नहीं। पुलिस ने कभी भी पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर भी नहीं लिया।
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उन्होंने सवाल उठाया कि, ‘जब केस CBI ने टेक ओवर किया तो केस को मजिस्ट्रेट कोर्ट में ही भेज दिया। जबकि, छात्रा के नाबालिग होने के कारण CBI को पॉक्सो कोर्ट में भेजना चाहिए था।’
28 फरवरी को जब इस मामले में अगली सुनवाई होगी, तब पुलिस और CBI को पूरी तैयारी करके आने को कहा है। कोर्ट ने कब किससे पूछताछ की और किसका बयान लिया गया है, इसकी पूरी चेन बनाकर लेकर आने को कहा है।








