कोडरमा- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि केंद्र के साथ हमारी चुनौती है, लेकिन राजनीतिक लड़ाई लड़ हम अपना हक और अधिकार लेकर रहेंगे. केंद्र ने बजट में झारखंड को ठेंगा दिखा दिया है, लेकिन अगर हम ठेंगा दिखा देंगे तो देश भर में अंधेरा छा जाएगा.
उन्होंने कहा, हम कुत्ते-बिल्ली की तरह लड़ना नहीं चाहते. ऐसा नहीं है कि ऐसी लड़ाई हमें नहीं आती, पर हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़कर हक और अधिकार हासिल करेंगे.
कोडरमा के लोकाई स्थित मैदान में गुरुवार को झामुमो की ओर से आयोजित सभा में पहुंचे मुख्यमंत्री पूरी तरह भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर दिखे. सभा में कोडरमा की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और विधानसभा चुनाव लड़ चुकी शालिनी गुप्ता अपने समर्थकों के साथ झामुमो में शामिल हुईं.
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हेमंत सोरेन ने कहा कि, लंबे समय के संघर्षों के बाद झारखंड अलग राज्य बना. पहले बिहार में सत्ता की नजर यहां नहीं पड़ती थी. ऐसे में यहां पिछड़ापन था, झारखंड के आदिवासियों-मूल निवासियों ने उस समय अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी जब देश की आजादी के लिए पूरी तरह लड़ाई शुरू नहीं हुई थी.
गुरुजी के आह्वान पर भाजपा को उखाड़ने के लिए हम लोगों ने मोर्चा खोला. यह मेरा दूसरा कार्यकाल है, पर एक भी व्यक्ति भूखा नहीं मरा. आज हमारी सरकार रांची से नहीं गांव से चलती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का अभाव हमें मानसिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से कमजोर बनाती है, इसलिए हमारा फोकस शिक्षा पर है. आज विदेशों में भी पढ़ाई के लिए यहां के छात्र जा रहे हैं.
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मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल की शुरुआत की गई है. युवा लगातार जेपीएससी का उम्र सीमा घटाने का अनुरोध कर रहे है उस पर हम विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चतरा जिला में अंबेडकर विश्विद्यालय की शुरुआत हम जल्द कराएंगे. हमारी सरकार ने साल भर के अंदर 26 हजार नौकरी दी है, हम जो कहते हैं कर के दिखाते हैं.
भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग (बीजेपी वाले) देने वाले नहीं, लेने वाले हैं. लोग कहते थे ठेका, टेंडर में कमीशन लगता है, मैंने मंईयां सम्मान योजना शुरू की इसमें कोई कमीशन नहीं, एक बटन दबता है सीधा महिलाओं के खाते में पैसा जाता है.
न कमीशन का चक्कर न बिचौलिया की भूमिका. इसके विपरीत कुछ जगहों पर जहां भाजपाइयों ने महिलाओं को कुछ देने का वादा किया, वहां से रफ्फूचक्कर हो गए.








