डेस्क- भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है. बजट पेश होने के बाद विभिन्न वर्गों और राजनीतिक दलों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
कुछ आर्थिक विशेषज्ञ और व्यापारिक समूह इसे अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बताते हुए स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ आलोचक इसे दिशाहीन और आम लोगों से दूर बताते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी है. एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल ने लिखा, ‘बिना नौकरी वाले युवा. गिरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग. निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
घरेलू बचत तेज़ी से गिर रही है. किसान परेशान हैं. आने वाले वैश्विक झटके – सभी को नज़र किया गया. एक ऐसा बजट जो सुधार करने से इनकार करता है, भारत के असली संकटों से अनजान है.’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई और न ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों या उद्योग और टैक्स में किसी तरह की राहत दी गई.
उन्होंने कहा कि पंजाब की आर्थिक मजबूती के लिए भी बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और हर बार की तरह इस बार भी पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया गया.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को दिशा विहीन बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, महिला, किसान, SC, ST और OBC विरोधी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा सब्सिडी घटाई गई है और अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. उन्होंने शेयर बाजार के गिरने का भी जिक्र किया और आर्थिक कॉरिडोर की घोषणा को झूठा बताया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस बजट में बुनियादी ढांचे से जुड़ा कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता.








