पटना- तेजप्रताप यादव ने पटना का सरकारी आवास खाली कर दिया है. उसके बाद अब यह मामला नए राजनीतिक विवाद में बदल गया है. यह बंगला अब बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान को अलॉट हुआ है.
मंत्री लखेंद्र पासवान का आरोप है कि सरकारी आवास से फर्नीचर और जरूरी सामान गायब है. उन्होंने बताया कि बंगले में पंखे नहीं हैं. कुर्सियां नहीं हैं. एसी तक उखाड़ लिए गए हैं.
बल्ब भी नहीं बचे हैं. यहां तक कि गेट के लैच भी टूटे हुए हैं. मंत्री का कहना है कि सरकारी आवास इस तरह खाली नहीं किया जाता. हर मंत्री और विधायक को रहने लायक घर दिया जाता है. खंडहर नहीं.
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लखेंद्र पासवान ने कहा कि बंगले की हालत इतनी खराब है कि फिलहाल उसमें रहना संभव नहीं है. छत भी क्षतिग्रस्त है. मरम्मत कराए बिना आवास में शिफ्ट होना मुश्किल है. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों को दे दी है और बंगले की स्थिति भी उन्हें दिखाई है.
बताया जा रहा है कि बंगले में रखा फर्नीचर और अन्य सामान अनीसाबाद रोड स्थित LR भारत के नाम से चल रहे ऑफिस में शिफ्ट किया गया है. हालांकि इस पर तेजप्रताप की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
तेजप्रताप यादव को यह आवास 25 नवंबर 2025 को खाली करने का नोटिस मिला था. महुआ विधानसभा सीट से चुनाव हारने के बाद भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी किया था.
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