पटना- NEET छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर हमला बोलते हुए इसे राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र की विफलता करार दिया है. उनका आरोप है कि बिहार की पुलिस और प्रशासन एक गंभीर अपराध की गुत्थी सुलझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं.
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों और बलात्कारियों को अपने “मेहमान” की तरह मान रही है और उन्हें संरक्षण और सम्मान देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में कहा कि मामले का खुलासा करने के बजाय सरकार ने सीबीआई जांच का रास्ता चुना, जिससे यह साबित होता है कि बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और अनप्रोफेशनल है.
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उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य की एजेंसियां 20 दिनों में भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल सकीं, तो सरकार अपराधियों को पकड़ने के अपने दावों पर कैसे खरी उतरती है.
राजद नेता ने सीबीआई जांच को ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ करार देते हुए कहा कि यह जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है. उन्होंने नवरुणा कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में सीबीआई वर्षों तक जांच के बावजूद आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई और अंततः जांच बंद कर दी गई.
तेजस्वी यादव ने एनडीए पर तंज कसते हुए पूछा कि चुनावों में ‘जंगलराज’ का नारा लगाने वाले अब कहां हैं.उनका कहना है कि मौजूदा हालात में बिहार की कानून-व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.
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इस पूरे विवाद के बीच पुलिस के आला अधिकारी और गृह विभाग अब तक खुलकर कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकार की चुप्पी इस मामले को और संदेहास्पद बना रही है.








