रांची- पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे स्वर्गीय शिबू सोरेन को रविवार को पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है. इस सम्मान को बीजेपी ने लोक कल्याण कार्यों के लिए झारखंड की मिट्टी का सम्मान बताते हुए स्वागत किया है. हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे कद के अनुसार छोटा करार दिया है.
जेएमएम की इस प्रतिक्रिया पर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शिव पूजन पाठक ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आज का दिन इस पर चर्चा करने का या बयान देने का नहीं है कि कौन सा सम्मान मिला है और क्या मिलना चाहिए था. बलकि आज इस बात की खुशी मनाने का दिन है कि झारखंड के धरतीपुत्र को पद्म अवार्ड मिला है. यह राज्य के लिए गौरवांवित करने का दिन है.
दरअसल, जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि गुरुजी ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों की लड़ाई लड़ी, शोषण के खिलाफ उलगुलान किया और अलग राज्य की लड़ाई लड़ी.
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ऐसे में उनके कद के अनुसार सम्मान भारत सरकार ने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि आदरणीय दिशोम गुरु को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ मिलना चाहिए था.
झामुमो नेता ने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि फिल्म स्टार को पद्म विभूषण मिलता है और गुरुजी जैसे धरती पुत्र को उससे कमतर पद्म भूषण दिया जाता है.
इधर, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि गुरुजी इससे बड़े सम्मान के हकदार थे और उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए था.
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वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्य और समाज के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए भारत सरकार उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करती. उन्हें उम्मीद है कि दिशोम गुरु के संघर्षों को याद करते हुए भारत सरकार इस दिशा में कार्य करेगी.








