पटना- बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए बड़ी पहल की है। जिलों के राजस्व पदाधिकारी अब हफ्ते में सोमवार और शुक्रवार को आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याएं सुनेंगे.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य के सभी राजस्व पदाधिकारी सप्ताह के दो कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों की शिकायतें सुनेंगे। यह व्यवस्था 19 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी राजस्व कार्यालयों में आमजनों के साथ सम्मानपूर्ण एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यालय परिसरों में पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य होगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर से अलग से आवंटन भेजे जाने की भी व्यवस्था की जा रही है।
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आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का डिजिटल संधारण अनिवार्य किया गया है, ताकि उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए सुगम एवं पारदर्शी प्रणाली विकसित की जा सके। इससे शिकायतों की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
निर्देश के अनुसार, प्रमंडलीय आयुक्त अपने-अपने प्रमंडलों में तथा समाहर्ता अपने जिले में राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे। उनका मुख्य दायित्व होगा कि राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम किया जाए और जीवन स्तर में सुधार हो।
राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है, जिससे राजस्व विभाग आम नागरिकों के और अधिक करीब आएगा और जनविश्वास को मजबूती मिलेगी।
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