गिरीडीह- भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि मजदूरों के उपर केंद्र सरकार के द्वारा चार श्रम कोड थौपे गए हैं. ये श्रम कोड मजदूरों के हक और अधिकार के खिलाफ हैं. इसके विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद रखने का आह्वान किया गया है.
सरकार के द्वारा किसानों पर थोपे गए चार श्रम कोड के खिलाफ विभिन्न मजदूर संगठन, गांव के मजदूरों का संगठन, किसानों का संगठन सड़कों पर उतरेंगे.
उन्होंने कहा है कि सरकार को चार श्रम कोड को वापस लेना होगा अन्यथा किसान संगठन अपने आंदोलनों की बदौलत सरकार को इसके लिए बाध्य करेगी.
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दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि इससे पूर्व भी सरकार ने किसानों पर तीन कृषि कानून थौंपा था. किसानों के द्वारा लड़कर जिस तरह से तीन कृषि कानूनों को खत्म कराया था, ठीक उसी तरह से एक बार फिर आंदोलन के बल पर चार श्रम कोड को खत्म कराया जाएगा.
दीपंकर भट्टाचार्य महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर शुक्रवार को बगोदर में आयोजित जन संकल्प सभा में पहुंचे थे. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ये बातें कही.
जन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि जिस आजादी के बाद संविधान से अधिकार और पहचान मिली थी. आज उसी अधिकार पर केंद्र सरकार के द्वारा लगातार हमले किए जा रहे हैं.
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जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने और तोड़ने का काम किया जा रहा है. संविधान से बोलने, लिखने, आंदोलन करने और अधिकार मांगने का अधिकार मिला था. लेकिन उस अधिकार को दबाने की कोशिश की जा रही है.








