रांची- झारखंड में नववर्ष की शुरुआत कड़ाके की ठंड के बीच हुई है. राज्य के 15 जिलों का पारा लुढ़क गया है. दक्षिणी-पूर्वी और उत्तरी भागों में सुबह के वक्त कोहरा देखने को मिला.
हालांकि, ठंड की परवाह किए बगैर नव वर्ष का उत्साह देखने को मिला. साल के पहले दिन झारखंड के तमाम पिकनिक स्थलों पर पर्यटकों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली.
ठंड के बीच मां दिउड़ी मंदिर में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन को स्पर्श दर्शन बंद करना पड़ा. श्रद्धालुओं ने मुख्य द्वार पर ही पूजा-अर्चना कर नये साल की शुरुआत देवी मां के आशीर्वाद के साथ की.
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नववर्ष के पहले दिन देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ स्थल मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. माता का दर्शन और पूजन को लेकर भारी संख्या में भक्त पहुंचे हुए हैं.
भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. भक्त पूजा के साथ-साथ परिवार और दोस्तों के साथ दामोदर और भैरवी नदी के संगम के किनारे पिकनिक भी मानते देखे जा रहे हैं.
झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात लोध फॉल पर्यटकों के लिए हॉटस्पॉट बन गया है. नववर्ष के पहले दिन हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे और यहां की मनोरम वादियां और झारखंड के सबसे ऊंचे जलप्रपात का लुत्फ उठाया. पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
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खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड में स्थित पेरवाघाघ जलप्रपात भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. 1 जनवरी को पेरवाघाघ में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे. परिवारों ने झरने के किनारे पिकनिक मनाई, बच्चों ने पानी में मस्ती की और युवाओं ने फोटोग्राफी का आनंद लिया. ऊंचे पहाड़ों से गिरता दूधिया झरना और घनी हरियाली पर्यटकों को सुकून दे रही है.








