रांची- झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में ‘पेसा कानून’ को लागू करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पेसा नियमावली’ को औपचारिक मंजूरी दे दी गई।
कैबिनेट की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। जिसमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के पदों का पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। शैक्षणिक गैर शैक्षणिक पद के लिए 38 नए पद सृजित किए गए। दुमका में 7 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 31 करोड़ और जमशेदपुर में सड़क के लिए 41 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद जानकारी दी कि इस कानून के लागू होने से ग्राम सभाएं अब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होंगी। नए नियमों के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में खनन अधिकार, भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
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पेसा कानून के माध्यम से अब पंचायतों को जमीन और खनिजों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। ग्राम सभा अपने क्षेत्र में खनन कार्यों पर नियंत्रण के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगी। इसके अलावा वन भूमि के प्रबंधन और उससे जुड़े अहम निर्णय में भी ग्राम सभा को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे।








