डेस्क- बांग्लादेश ने मंगलवार को भारत में अपने राजनयिक मिशनों पर हुए हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक इन घटनाओं के विरोध में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया गया। घटनाएं नई दिल्ली और सिलीगुड़ी में हुईं।
बांग्लादेश ने कहा कि यह हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाएं अस्वीकार्य हैं। ऐसे कृत्य न सिर्फ राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि आपसी सम्मान, शांति और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को भी कमजोर करते हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रणय वर्मा को भारत में बांग्लादेशी मिशनों की सुरक्षा स्थिति को लेकर बुलाया गया। उन्हें निर्देश दिया गया कि सभी दूतावासों और संबंधित ठिकानों की सुरक्षा कड़ी की जाए।
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बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि भारत में रहकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना लगातार ऐसे बयान दे रही हैं, जिन्हें बांग्लादेश भड़काऊ मानता है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने उच्चायुक्त से कहा कि इन घटनाओं से डिप्लोमैट्स और हाई कमीशन की सुरक्षा पर खतरा पैदा हुआ है। उसने भारत सरकार से अपील की कि वह इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
बयान में यह भी कहा गया कि बांग्लादेश सरकार ने भारत सरकार से इन घटनाओं की जांच कराने, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने और भारत में स्थित बांग्लादेश के राजनयिक मिशनों और उनसे जुड़ी सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
इन घटनाओं में 22 दिसंबर 2025 को सिलीगुड़ी में बांग्लादेश वीजा सेंटर में तोड़फोड़ और 20 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन शामिल है।
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बयान में कहा गया कि बांग्लादेश सरकार को उम्मीद है कि भारत सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय और राजनयिक जिम्मेदारियों के तहत तुरंत उचित कदम उठाएगी, ताकि राजनयिक कर्मियों और दूतावासों की गरिमा और सुरक्षा बनी रहे। इन्हीं सुरक्षा चिंताओं के चलते बांग्लादेश ने दिल्ली और सिलीगुड़ी में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं।








