डेस्क- रेलवे ने 26 दिसंबर से यात्री किराया बढ़ाने जा रहा है. अब लंबी दूरी पर मामूली वृद्धि होगी. रेलवे द्वारा यात्री किराया बढ़ाने के फैसले पर राजनीति तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने इसे महंगाई बढ़ाने वाला कदम बताते हुए आम आदमी पर बोझ करार दिया है. जबकि बीजेपी ने इसे जरूरी और बेहद मामूली बढ़ोतरी बताया है.
रेल किराया में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अच्छे दिन आ गए. उनके शासन में किसी भी आवश्यक वस्तु जरूरी व्यवस्थाओं से संबंधित दाम में बढ़ोतरी ही हुई है, कमी नहीं आई है. यही इन्होंने अच्छे दिन का वादा किया था. गरीब आदमी आज परेशान है और यह सरकार इसी तरह लोगों को राहत दे रही है.
सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि बीजेपी ने वादा किया था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज से सफर करेगा. लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि हवाई सफर तो दूर, ट्रेन का सफर भी महंगा होता जा रहा है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण हवाई किराया पहले ही आसमान छू चुका है और अब रेलवे किराया बढ़ाकर गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है. ट्रेन से सफर करने वाला आम नागरिक है, लेकिन उसी पर टैक्स और किराया बढ़ाकर मार की जा रही है.
वहीं बीजेपी प्रवक्ता राकेश कुमार त्रिपाठी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रेलवे का किराया काफी लंबे समय से नहीं बढ़ा था. जबकि यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं लगातार बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी बेहद मामूली है और सरकार ने पूरा ध्यान रखा है कि गरीब और मध्यम वर्ग पर इसका ज्यादा असर न पड़े.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








