रांची- इन दिनों कोर्ट के आदेश पर रांची के बड़े अस्पताल रिम्स में अतिक्रमण हटाओं अभियान जारी है. इस अभियान का लगातार विरोध भी हो रहा है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए जिम्मेवार रजिस्ट्रार, सीओ, रांची नगर निगम और रेरा के अफसरों को अवलिंब निलंबित करना चाहिए.
बाबूलाल सोमवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे. उन्होंने कहा उच्च न्यायालय के आदेश से रिम्स परिसर में बने अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है जो बिल्कुल न्यायोचित और स्वागत योग्य है लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होता. रिम्स परिसर में हुए अवैध निर्माण के लिए राज्य सरकार का भ्रष्ट तंत्र पूरी तरह जिम्मेवार है.
बाबूलाल ने कहा कि जब कोई आम नागरिक फ्लैट या जमीन खरीदता है तो संबंधित जमीन को सरकारी या निजी संपत्ति बताने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की है. आम आदमी तो सरकार के द्वारा जारी दस्तावेजों पर भरोसा करता है. यदि रिम्स परिसर में हुए अवैध निर्माण की जमीन रिम्स की थी तो फिर रजिस्ट्रार ने उस पर बने फ्लैट की रजिस्ट्री कैसे कर दी?
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रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन कैसे हो गया? झारखंड में तो म्यूटेशन के लिए आम आदमी वर्षों तक कार्यालय का चक्कर काटता है, लेकिन रिम्स के अवैध निर्माण पर हुए रजिस्ट्री का म्यूटेशन बड़ी आसानी से हो गया.
इस पूरे प्रकरण में रांची नगर निगम भी कम जिम्मेवार नहीं है. आखिर रिम्स की जमीन पर फ्लैटों का नक्शा कैसे स्वीकृति हुआ? आम आदमी जब नक्शा पास कराने का आवेदन देता है तो दर्जनों दस्तावेज मांगे जाते हैं, फाइल को बार-बार क्वेरी के नाम पर रोका जाता है. फिर अवैध निर्माण का नक्शा आखिर किसके आदेश से पारित हुआ?
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि इस पूरे प्रकरण में शामिल रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम वीके जिम्मेवार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
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