पटना- डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 100 फास्ट ट्रैक न्यायालयों (FTC) का गठन किया जाएगा. इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, न्यायालय का बोझ कम करना और संवेदनशील प्रकृति के मामलों पर उचित ध्यान और समय देना है.
डिप्टी सीएम ने बताया कि पटना में 08 फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रस्तावित हैं. जबकि गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में 4-4 अदालतें स्थापित की जाएंगी. नालंदा (बिहारशरीफ), रोहतास (सासाराम), सारण (छपरा), बेगूसराय, वैशाली (हाजीपुर), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), समस्तीपुर और मधुबनी में 3-3 फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी.
पश्चिम चंपारण (बेतिया), सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर (भभुआ), बक्सर, भोजपुर (आरा), सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में 02–02 फास्ट ट्रैक अदालतें संचालित होंगी. नवगछिया और बगहा उप-मंडलीय न्यायालय में 01–01 फास्ट ट्रैक होंगे.
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जिलापदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से चिन्हित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा. सभी फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी बड़े पैमाने पर की जाएगी. प्रत्येक अदालत के लिए 8 प्रकार के पदों यथा-बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डिपोज़िशन राइटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी/ऑर्डर्ली के कुल-900 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है.








