रांची- रिम्स की आवासीय कॉलोनियों में सालों से झोपड़ियों और मड़ई में अपने परिवारों के साथ रह रहे लोगों के घरों पर आज सरकारी बुलडोजर चला.
बड़ी संख्या में पुलिस बल, नगर निगम की बुलडोजर टीम और रिम्स प्रबंधन के साथ-साथ जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने बरियातू थाना के पीछे स्थित डॉक्टरों के क्वार्टर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया.
इस दौरान, स्थानीय लोगों ने इस अभियान का विरोध किया, जबकि बेघर हुए लोगों ने प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया.
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अतिक्रमण हटाने के दौरान कई ऐसे दृश्य देखने को मिले जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाले थे. एक सास-बहू तीन नवजात बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे बैठी प्रशासन को कोसती नजर आईं.
पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के आलोक में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज अतिक्रमणकारियों को हटाया गया है और यह अभियान कल भी जारी रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि मानवीय संवेदना एक बात है, लेकिन कानून का पालन कराना उससे ज्यादा जरूरी है.
जिन लोगों के आशियाने आज गिराए गए, उनमें से कई लोग रिम्स में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं. अविनाश कुमार ने सवाल किया कि उनका घर क्यों तोड़ दिया गया, जबकि होमगार्ड के जवान इसी परिसर में रहते हैं?
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झारखंड हाई कोर्ट में दायर केस नंबर W.P. (PIL) 4736/2018 (ज्योति शर्मा बनाम राज्य सरकार और अन्य) में, 3 दिसंबर, 2025 को दिए गए फैसले में राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन को 72 घंटे के भीतर सभी अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था.
झारखंड हाई कोर्ट, रांची के आदेश का अनुपालन करते हुए, सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था. 72 घंटे की अवधि समाप्त होने के बाद, रांची जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और रिम्स प्रबंधन ने संयुक्त रूप से आज अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया.








