रांची- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने आरोप पत्र जारी करते हुए हेमंत सरकार को जनता के साथ धोखाधड़ी वाली सरकार बताया है.
22 पृष्ठों में समाहित इस आरोप पत्र में मुखपृष्ठ को आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है, जिसमें इस सरकार को अबुआ सरकार नहीं ठगुआ सरकार बताया गया है.
आरोप पत्र के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने वर्तमान सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि जिस तरह से पिछले चुनाव में एक वोट सात गारंटी का वादा जनता को ठगने का काम किया गया उसका फलाफल यह है कि आज तक एक भी गारंटी पूरी नहीं की गई, यानी एक वोट के जरिए सात धोखा दिए गए.
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उन्होंने सभी सात गारंटी का जिक्र करते हुए कहा कि एक भी गारंटी यदि पूरी होती तो जनता को इसका लाभ मिलता, मगर ना तो 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति बनाई गई और ना ही सरना धर्म कोड को लागू किया और न ही क्षेत्रीय भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के काम किए गए. हद तो यह है कि चंगाई सभा के जरिए धर्म परिवर्तन का खेल राज्य में चलता रहा.
मंईयां सम्मान योजना के जरिए महिलाओं को भ्रमित करने का काम किया गया है. आज भी महिलाएं बड़ी संख्या में मंईयां सम्मान योजना से वंचित हैं. इन्हें या तो जानबूझकर सूची से हटाया गया है या पोर्टल नहीं खोलने के बहाना बनाकर आवेदन नहीं लिया जा रहा है.
450 रुपये में गैस सिलिंडर हर गरीब को देने की बात तो दूर इस सरकार ने 7 किलो प्रति व्यक्ति अनाज देने का वादा भी भूल गई. सामाजिक न्याय की बात करने वाली या सरकार एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण के लिए आरक्षण को लेकर कि गए वादों को भी भुला दिया.
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उन्होंने कहा कि 10 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात तो दूर शिक्षा की गारंटी के तहत ना तो एक भी डिग्री कॉलेज खुले और ना ही जिला मुख्यालय में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई. हद तो यह हो गई की किसानों को 3200 रुपये समर्थन मूल्य देने की बात करने वाली यह सरकार 2400 रुपये भी कई जिलों में नहीं दे पाई.
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार में घोटाले ही घोटाले होने का आरोप लगाते हुए आरोप पत्र के जरिए शराब घोटाला, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा घोटाला, आधार घोटाला, डीएमएफटी फंड घोटाला, मैनपॉवर सप्लाई घोटाला, गृह विभाग टेंडर घोटाला, स्पोर्ट्स किट घोटाला, भवन निर्माण घोटाला, सरकारी टेंडर प्रक्रिया घोटाला, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की अवैध नियुक्ति डिग्री घोटाला, जन्म प्रमाण पत्र घोटाला, सरकारी रिक्ति पद घोटाला, आपदा मोचन निधि घोटाला, स्वास्थ्य विभाग घोटाले में भी तुष्टीकरण आदि का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस अबुआ सरकार में आदिवासी बदहाल हैं और सबसे ज्यादा इसी सरकार में आदिवासी महिलाओं का उत्पीड़न हुआ है.








