डेस्क- पाकिस्तान ने अयोध्या के राम मंदिर में पीएम मोदी के ध्वजारोहण पर विरोध जताया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि यह भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश का हिस्सा है।
पाकिस्तान ने कहा कि जिस जगह पहले बाबरी मस्जिद थी, वहां अब राम मंदिर बनाया गया है। पाकिस्तान ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद कई सदियों पुरानी धार्मिक जगह थी। 6 दिसंबर 1992 को इसे भीड़ ने गिरा दिया था।
पाकिस्तान ने कहा कि भारत की अदालतों ने बाबरी मस्जिद गिराने के आरोपियों को बरी कर दिया और उसी जमीन पर मंदिर निर्माण की इजाजत दे दी। यह अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का बड़ा उदाहरण है।
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पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों पर दबाव बढ़ रहा है। भारत की कई ऐतिहासिक मस्जिदें खतरे में हैं। मुसलमानों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक तौर से हाशिये पर धकेला जा रहा है।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह भारत में बढ़ते इस्लामोफोबिया, नफरत और मुसलमानों पर हमलों पर ध्यान दे। उसने UN और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से कहा कि वे भारत में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएं।








