खूंटी- महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुएल उरांव ने बिरसा मुंडा के गांव उलीहातू पहुंच कर श्रद्धासुमन अर्पित किए. साथ ही बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना कर श्रद्धांजलि दी.
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर ही राज्य का गठन हुआ. झारखंड निरंतर शांति, समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर रहे.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया, उन्होंने बिरसा मुंडा के क्रांतिकारी आंदोलन की सराहना की और कहा कि देश के इतिहास में ऐसे लोगों का अतुलनीय योगदान रहा है. इस गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय के बाद बिरसा मुंडा के आदर्शों को कंधे पर लेकर घूमने वाले शिबू सोरेन आज 25वें वर्षगांठ पर हमारे बीच नहीं हैं. उन्होंने शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि आज वही मंजर परेशान कर रहा है.
झारखंड वीरों की धरती है और इस धरती ने सभी को मजबूत बनाया और मिलजुकर राज्य बनाया. राज्य बनाने वाले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इसे संवारना हमलोगों के कंधे पर है. यहां की जल, जंगल और जमीन कैसे सुरक्षित रहे और आदिवासी का विकास कैसे हो यह हमारे सोच में सबसे पहले आता है.
उन्होंने दावा किया है कि आज भी राज्य का आधा खर्च गांव वालों और गरीबों के लिए कर रहे हैं. झारखंड को मबजूत करने की दिशा में सरकार आगे काम कर रही है, ताकि आने वाले पांच सालों में किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत न पड़े.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
सीएम ने आगे कहा कि राज्य में खेल, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत संरचना सहित सभी क्षेत्रों पर काम जारी है. बदलाव की शुरुआत हुई है, जल्द ही राज्य के हर एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान होगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रांची हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि गांव से चलेगी.
इसके लिए ऐसा ही पंडाल बनाकर उस गांव का विकास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वेतन देते हैं तो उस अधिकारी का दायित्व है जनता की समस्याओं का समाधान करना और उनका विकास करना, जल्द ही अधिकारी गांव तक जाएंगे और गांव की विकास को आगे बढ़ाने में काम करेंगे. इस दौरान बिरसा मुंडा के जन्मस्थली के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया.








