बिहार- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जदयू को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की पूरी औरंगाबाद जिला कमिटी ने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद औरंगाबाद जदयू में भूचाल आ गया है।
इस्तीफे के बाद जदयू जिलाध्यक्ष रहे पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने रविवार को प्रेसवार्ता में कहा कि रफीगंज विधानसभा सीट ने पार्टी ने वैसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है, जो जदयू के प्राथमिक सदस्य भी नही है।
पार्टी यदि जदयू के किसी नेता को टिकट देती या एनडीए गठबंधन के किसी दूसरे घटक दल के नेता को टिकट दे दिया जाता तो हमारे कार्यकर्ता आहत नही होते लेकिन इस तरह की विकट स्थिति उत्पन्न हो जाने से कार्यकर्ताओं की भावना आहत हुई। इसी वजह से कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान करते हुए मेरे समेत जदयू की पूरी जिला कमिटी के सभी पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
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उन्होंने कहा कि हम सभी जदयू में बने रहेंगे और रफीगंज विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर औरंगाबाद जिले के शेष सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।
पूर्व विधायक ने कहा कि 2009 में मैंने जब अपने पिता पूर्व विधायक रामाधार सिंह की मौजूदगी में जदयू ज्वाइन किया था, तब मेरे पिता ने नीतीश कुमार को आश्वस्त किया था कि मेरा बेटा आजीवन उनके साथ रहेगा। कहा कि मैं अपने पिता द्वारा दिए गए वचन पर आज भी कायम हूं और शमशान घाट तक नीतीश कुमार के साथ रहूंगा।
उन्होने स्पष्ट किया कि मैंने पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी से नही। आज भी पार्टी का मैं समर्पित सिपाही हूं और कल भी रहूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया। 2010 और 2015 में टिकट देकर विधायक बनाया। 2020 में भी पार्टी ने मुझे टिकट दिया लेकिन उसी उम्मीदवार के कारण मुझे हारना पड़ा, जिसे पार्टी ने आज टिकट दे दिया है।
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