रांची- रांची पुलिस ने सात महीने बाद एक हत्याकांड का राज खोलते हुए पत्नी सहित चार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की हत्या उसकी पत्नी ने गोली मारकर किया था और शव को कुएं में दफना दिया गया था.
जानकारी अनुसार, चान्हो थाना क्षेत्र के बढ़ईया गांव के रहने वाले रामबली यादव की गोली मारकर सात महीने पहले ही हत्या कर दी गई थी. रामबली यादव को जान से मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी ही दूसरी पत्नी चंपा थी.
दरअसल, मृतक रामबली यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस का रहने वाला था. रामबली यादव पहले से शादीशुदा था लेकिन रांची आने के बाद उसने चंपा उरांव के साथ दूसरी शादी की और फिर चंपा के साथ ही चान्हो में रहने लगा.
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रामबली यादव बनारस स्थित अपने परिवार वालों से हमेशा संपर्क में रहता था. इसी बीच पिछले कुछ महीनों से रामबली यादव का फोन बंद आने लगा और उसका परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था.
जिसके बाद रामबली यादव के पहली पत्नी का बेटा राहुल यादव ने अपने पिता की खोज शुरू की. चान्हो पहुंचने पर भी राहुल को अपने पिता का कोई सुराग हासिल नहीं हुआ. इसके बाद उसने चान्हो थाना में एफआईआर दर्ज करवाई. राहुल ने अपने पिता के गायब होने को लेकर चंपा पर संदेह जताया था.
रांची ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा कि चंपा ने बताया कि रामबली यादव के द्वारा एक जमीन को बेचा गया था, लेकिन उससे जो पैसे प्राप्त हुए उस पैसे को उसने अपनी पहली पत्नी के पास बनारस भेज दिया. इसी पैसे को लेकर ही चंपा और रामबली यादव में विवाद शुरू हो गया.
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इस विवाद के बाद चंपा ने अपने कुछ परिचितों के साथ मिलकर रामबली यादव की हत्या की प्लानिंग कर डाली. प्लानिंग के तहत पहले रामबली यादव की गोली मारकर हत्या की और फिर कुएं में उसके शव को फेंक दिया.और कुएं को पूरी तरह से जेसीबी से मिट्टी डालकर भर दिया गया ताकि किसी को भी कोई सबूत हासिल ना हो सके.
कुएं में शव दफनाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में मजिस्ट्रेट की तैनाती कर कुएं में भरी मिट्टी को हटाकर रामबली यादव के शव को बाहर निकाला. इस मामले में पुलिस ने चंपा देवी सहित अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.








