पटना- भारत निर्वाचन आयोग ने मतगणना के नियम में बदलाव किया है. अब डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती ईवीएम की अंतिम दो राउंड शुरू होने से पहले पूरी करनी होगी. यह नियम सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में लागू होगा. इसके बाद पूरे देश में इसे अपनाया जाएगा.
आयोग ने पाया कि अब तक डाक मतपत्रों की गिनती और ईवीएम मतों की गिनती एक साथ चलने के कारण कई बार भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा हो जाती थी. पुराने नियम में डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होती थी.
ईवीएम मतों की गिनती 8:30 बजे. ऐसे में कई बार ऐसा होता कि ईवीएम मतों की गिनती पूरी हो जाती, लेकिन डाक मतपत्रों की गिनती अधूरी रह जाती. इससे परिणाम घोषित करने में देर होती. राजनीतिक दलों के बीच अविश्वास भी बढ़ता.
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नए निर्देश के तहत डाक मतपत्रों की गिनती अंतिम दो राउंड शुरू होने से पहले पूरा करना अनिवार्य होगा. अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में कुल दस राउंड में मतगणना होनी है तो आठवें राउंड तक डाक मतपत्रों की गिनती खत्म कर ली जाएगी. उसके बाद ही नौवां और दसवां राउंड यानी अंतिम दो राउंड की ईवीएम गिनती होगी.
पहले व्यवस्था यह थी कि डाक मतपत्रों की गिनती और ईवीएम मतों की गिनती साथ-साथ चलती थी. कई बार ऐसा होता कि जब तक डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होती, तब तक ईवीएम की गिनती पूरी हो चुकी होती थी.
रिजल्ट लगभग साफ हो चुका होता था. अब नए नियम में डाक मतपत्रों की गिनती को प्राथमिकता दी गई है. यह सुनिश्चित किया गया है कि ईवीएम के अंतिम दो राउंड से पहले कोई भी पोस्टल बैलेट अधूरा न बचे.
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