रांची- कुड़मी समाज की ओर से 20 सितंबर से प्रस्तावित ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन को लेकर रांची रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट है. आंदोलन की घोषणा के बाद रेलवे प्रशासन ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी की है. रेलवे की और से कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रेलवे और पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही है.
आंदोलन के मद्देनजर मुरी, बरकाकाना, गद्दी, पारसनाथ, चंद्रपुरा, सोनुआ, गम्हरिया और गालुडीह जैसे स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात किए जा रहे हैं. आरपीएफ और जीआरपी जवानों के अलावा स्थानीय प्रशासन की पुलिस भी मौके पर मौजूद रहेगी.
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ट्रेन संचालन को सामान्य बनाए रखने की कोशिश होगी. फिलहाल न तो ट्रेनों को रद्द करने और न ही रूट डायवर्ट करने का कोई निर्णय लिया गया है हालांकि आपात स्थिति में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाया जा सकता है.
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रेलवे ने आंदोलन को लेकर लगातार हाई लेवल मीटिंग की हैं. मंडल स्तर पर कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड में रखा गया है. रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी स्थान पर उत्पन्न स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके.
सभी स्टेशन मास्टर्स को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना तुरंत मुख्यालय तक पहुंचाई जाएगी और त्वरित बल को मौके पर भेजा जाएगा.
गौरतलब है कि कुड़मी समाज लंबे समय से एसटी दर्जा और कुरमाली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करता रहा है. इसी को लेकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई इलाकों में आंदोलन की योजना है. 20 सितंबर से यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से चलेगा.
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