डेस्क- सोशल मीडिया बैन होने के बाद सरकार के खिलाफ जारी युवाओं के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। संसद का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई।
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। तोड़फोड़ और आगजनी की खबर भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, पोखरा में गंडकी प्रदेश के मुख्यमंत्री के ऑफिस पर भी लोगों ने पत्थर फेंके हैं।
प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात है और बैरिकेडिंग भी की गई है। लेकिन भीड़ इतनी गुस्साई है कि पुलिस की बैरिकेडिंग के ऊपर से छलांग लगा कर आगे बढ़ रही है। प्रोटेस्ट ने बड़ा रूप तब ले लिया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
दरअसल, नेपाल की सरकार ने4 सितंबर को फेसबुक, X, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया था। यही वजह है कि Gen-Z ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
नेपाल की सरकार ने नए कानून के मद्देनजर सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का इतना बड़ा कदम उठाया। आपको बता दें कि, नेपाल में साल 2024 में नया कानून लागू किया गया था, जिसके तहत सभी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए देश में कार्यालय स्थापित करना और टैक्सपेयर के तौर पर रजिस्टर करवाना अनिवार्य हो गया। इन नियमों का पालन ना करने पर सरकार ने दर्जनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाना सही समझा।
प्रधानमंत्री ओली ने सरकार के खिलाफ युवाओं के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस चीज की जानकारी होगी कि कानून का पालन ना करने पर नतीजा भुगतना पड़ता है।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








