गया- बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेला का उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर त्रिपाक्षिक पिंडदान की शुरुआत की गई. जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए हाईटेक व्यवस्था की है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दावा किया है कि सुरक्षा की व्यवस्था पुख्ता की है. ” विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी के घाटों और सभी पिंड वेदियों पर पुलिस और अधिकारियों की तैनाती की गई है. 5500 से अधिक पुलिस जवान मेले की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, जिसमें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) की 15 कंपनियां भी शामिल हैं.
मेले के लिए अस्थाई थाना बनाया गया है, जहां पुरुष और महिला पुलिस बल तैनात हैं. थाना अध्यक्ष, सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी मेले की निगरानी करेंगे. एसएसपी ने इस थाने का उद्घाटन भी कर दिया है, जिससे विधि-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
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पूरे मेला क्षेत्र में 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. डिजिटल विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारी इन कैमरों के माध्यम से बारीकी से नजर रखेंगे. इसके अलावा, ड्रोन और वीडियोग्राफी से भी मेला क्षेत्र की निगरानी होगी.
पिछले दस सालों के अपराध रिकॉर्ड के आधार पर चोरों और अपराधियों की पहचान की गई है. पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने और चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. एसएसपी ने कहा कि मेला में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
यातायात व्यवस्था जिला पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. इसके लिए वन-वे ट्रैफिक, पार्किंग जोन और भीड़ प्रबंधन की सख्त व्यवस्था की गई है. मंदिर के पास अस्थाई थाना और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ पुलिस तैनात की गई है ताकि यातायात सुचारू रहे.
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रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता: गया रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है. स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि यात्रियों में सुरक्षा की भावना बनी रहे और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके.
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पंकज दराद ने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और मेला स्थल पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को जानकारी और सहायता दी जाएगी. प्रशासन ने तालाबों में बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, गोताखोर, एसडीआरएफ और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके.








