पटना- सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ाई गयी कि हड़ताल से लौटे 3295 संविदा कर्मियों की भी सेवा समाप्त हो गयी है। इस संबंध में फर्जी लेटर तैयार कर किसी ने वायरल कर दिया था। जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अब राजस्व विभाग ने इसका खंडन किया है. राजस्व एवं भूमि सुधार ने इस लेटर को फर्जी करार दिया है। कहा है कि हड़ताल से लौटे 3295 संविदा कर्मियों पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
ये सभी विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी अभी कार्यरत हैं और राजस्व महा-अभियान जैसे जन हितैषी कार्य में लगे हुए हैं। विभाग ने बताया कि हड़ताल से लौटे संविदा कर्मियों और आमलोगों को गुमराह करने के मकसद से मनगढंत पत्र तैयार कर वायरल किया गया।
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बता दें कि सरकार के बार-बार अपील के बावजूद विशेष सर्वेक्षण कर्मी काम पर लौटने का नाम नहीं ले रहे थे। 9000 से ज्यादा संविदा कर्मी पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन पर डटे हुए थे और अपनी मांग पर अड़े हुए थे।
सरकार ने इन सभी को लौटने का अंतिम मौका भी दिया था। 3295 संविदा कर्मी अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट गये लेकिन 9000 से ज्यादा कर्मी आंदोलन पर जमे रहे।
इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक के नाम से शुक्रवार को एक फर्जी आदेश पत्र वायरल किया गया, जिसमें हड़ताल से लौटे 3295 संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने की बात कही गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैले इस पत्र पर निदेशक जे. प्रियदर्शिनी के हस्ताक्षर भी दर्शाए गए हैं।
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विभाग ने इस तथाकथित आदेश को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। समयावधि में हड़ताल से लौटे सभी विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी कार्यरत हैं और राजस्व महा–अभियान जैसे जन हितैषी कार्य में लग गए हैं। हड़ताल से लौटे संविदा कर्मियों और आमजन को गुमराह करने की मंशा से मनगढ़ंत पत्र तैयार कर वायरल किया गया है।








