रांची- राजधानी रांची में शिक्षक दिवस पर हजारों प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर विरोध-प्रदर्शन किया. अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ रांची इकाई के आह्वान पर निकले इस जुलूस ने जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज के आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज किया.
शिक्षकों ने, अफसरशाही तानाशाही नहीं चलेगी”, “शिक्षकों का अपमान बंद करो”, “शिक्षक एकता जिंदाबाद” और “वेतन वृद्धि के लिए शपथ पत्र का आदेश वापस लो के नारे के साथ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डीएसई रांची का आदेश न केवल अव्यावहारिक है बल्कि शिक्षकों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने वाला भी है.
संघ के नेताओं ने बताया कि हिंदी टिप्पण परीक्षा पास करने से शिक्षक पहले ही मुक्त हो चुके हैं. इसके बावजूद इस मुद्दे को आधार बनाकर रांची जिला के करीब तीन हजार शिक्षकों की जुलाई माह से वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी गई है. यही नहीं, शिक्षकों को मजिस्ट्रेट कार्यालय जाकर शपथ पत्र जमा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
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बता दें कि जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षकों की वार्षिक वेतनवृद्धि के लिए प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी से शपथ पत्र लेने का निर्देश जारी किया था. इसी आदेश को लेकर शिक्षकों में जबरदस्त नाराजगी है. इसी के विरोध में उन्होंने शिक्षक दिवस के दिन अपना विरोध जताया और प्रदर्शन किया.
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