रामगढ़- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपने परिवार के साथ रामगढ़ के सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. इस दौरान उन्होंने अपने पिता और झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियों को दामोदर नदी में संथाली रीति-रिवाज के साथ विसर्जित किया.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अस्थि कलश लेकर दामोदर नदी के घाट पर पहुंचे. वह परंपरागत संथाली रीति-रिवाज के अनुसार पाहनों (पुजारियों) द्वारा पूरी विधि-विधान के साथ अस्थियां विसर्जित की गईं.
इस दौरान उनके छोटे भाई और विधायक बसंत सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे. अस्थि विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर में जाकर माता का आशीर्वाद लिया.
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मंदिर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद गरीब और असहाय लोगों के बीच कपड़े और खाद्य सामग्री का वितरण किया. इस कार्य को उन्होंने सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में देखा. पूजा और वितरण के बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा लौट गए.
शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से रांची लाया गया था, और 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेमरा में रहकर सभी पारंपरिक और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ श्राद्ध कर्म पूर्ण कर रहे हैं.








