पटना- 1998 बैच के आईपीएस ऑफिसर अमित लोढ़ा की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है. बिहार सरकार ने इनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दे दी है. अब केंद्र से स्वीकृति का इंतजार है. वहां से अभियोजन की स्वीकृति मिलते ही विशेष निगरानी इनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी. अमित लोढ़ा वर्तमान में राज्य अभिलेख ब्यूरो में एडीजी के पद पर पदस्थापित हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने ही राज्य सरकार ने अमित लोढ़ा के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दे दी है. साथ ही फाइल केंद्र सरकार को भेज दिया गया है. केंद्र से हरी झंड़ी मिलते ही जांच एजेंसी निगरानी न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करेगी.
बता दें कि अमित लोढ़ा पर आरोप है कि सरकारी सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार एवं निजी स्वार्थ लाभ में वित्तीय अनियमितता की. नेटफ्लिक्स तथा फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ सरकारी सेवक होते हुए भी व्यावसायिक कार्य किए.
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भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की जांच एजेंसियों द्वारा की गई. जानकारी मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की गई. जांच में आरोप सही मिलने पर विशेष निगरानी इकाई ने केस दर्ज किया था.
विशेष निगरानी इकाई ने आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा के खिलाफ 7 दिसंबर 2022 को आय से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिक की दर्ज की थी. यह मुकदमा भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम 1998 की धारा 13 (1) भी 13(2) के तहत दर्ज किया गया था.
जांच एजेंसी की जांच में 2 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति की बात सामने आई थी. विशेष निगरानी इकाई ने वर्ष 2024 में ही राज्य सरकार से लोढ़ा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी. अब जाकर राज्य सरकार ने इसकी स्वीकृति दी है.
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