डेस्क- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में जस्टिस वर्मा ने कैश कांड को लेकर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा ने उनके घर जले नकदी नोट मामले में इन-हाउस कमेटी की रिपोर्ट और महाभियोग की सिफारिश रद्द करने की अपील की थी। रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया गया है।
जस्टिस वर्मा के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस दिया जा चुका है। मानसून सत्र के दौरान लोकसभा के 152 सांसदों ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
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वहीं राज्यसभा में 54 सांसदों ने जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि अब तक किसी भी सदन में इस नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया है।








