डेस्क- बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान किया है. चुनाव आयोग ने पूरे देश में SIR कराने का फैसला किया है। आयोग ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों में SIR के लिए कार्यक्रम यथासमय जारी किया जाएगा।
आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट के रिवीजन के पीछे की वजह बताई है। आयोग का कहना है कि पिछले 20 सालों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम जोड़ने और हटाने के कारण कई बदलाव हुए हैं। तेजी से शहरीकरण हुआ है।
शिक्षा, आजीविका और अन्य कारणों से लोग बड़ी संख्या में एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। बताया कि कुछ मतदाता एक स्थान पर पंजीकरण कराते हैं और फिर अपना निवास स्थान बदलकर, अपने मूल निवास स्थान की मतदाता सूची से अपना नाम कटवाए बिना, किसी अन्य स्थान पर अपना पंजीकरण करा लेते हैं। इससे मतदाता सूची में बार-बार उनका नाम आने की संभावना बढ़ जाती है।
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चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि बिहार में साल 2003 में वोटर लिस्ट का रिवीजन किया गया था। इसलिए 1 जनवरी 2003 की वैधता वाला वोटर सूची मान्य होगी। इस सूची में जिसका नाम होगा, उसे वर्तमान में चल रही वोटर लिस्ट रिवीजन से फर्क नहीं पड़ेगा।








