पटना- राजधानी पटना के पारस अस्पताल में हुए चंदन मिश्रा हत्याकांड या गोपाल खेमका हत्याकांड सहित राज्य भर के कई जिलों में बड़े और चर्चित अपराधीक घटनाओं में बिहार पुलिस की किरकिरी हुई, तो मीडिया के प्रचार प्रसार पर लगाम लगाने को लेकर बिहार डीजीपी ने 22 जुलाई को एक फरमान जारी किया. बात बढ़ी तो अब बुधवार को इस पर ADG का स्पष्टीकरण भी आ गया है.
यह आदेश 22 जुलाई को निर्गत किया गया था और इस आदेश पत्र को मीडिया के बीच आने नहीं दिया गया था, लेकिन किसी तरह मीडिया में यह लेटर आया तो विवाद के बाद बुधवार को पुलिस मुख्यालय की ओर से इस इस आदेश को सार्वजनिक किया गया है और कहा गया है कि कई चैनलों एवं सोशल मीडिया के जरिए सही ढंग से इसे व्याख्यापित नहीं किया जा रहा है.
मीडिया संबोधन में ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, पहले से भी पुलिस मुख्यालय में एडीजी के पद पर तैनात पुलिस प्रवक्ता ही मीडिया को संबोधन करते रहे हैं. इसमें बदलाव यही किया गया है कि डीजीपी के जरिए प्रेस मीडिया के संबोधन को अनुमोदन कर दिए गए लेटर को ही पढ़ेंगे. बड़े मामलों में सिर्फ एडीजी ही मीडिया को संबोधन करने का अधिकार दिया गया है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








