पटना- बिहार विधानसभा में आज भी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा उठा. पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसकी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई.
वहीं महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इसकी आड़ में हमारे मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश कर रही है. तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग से विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए.
तेजस्वी यादव ने कहा कि 25 जनवरी 2025 को जब summery रिवीजन के बाद आपने पूरी वोटर लिस्ट अपडेट की थी, जब ये 18 लाख मृत मतदाता आपको नहीं मिले थे? क्यों नहीं मिले थे? किसका दोष है ये? और अब बिना भौतिक सत्यापन किए, BLO के बिना किसी के घर जाए आप गिना रहे है कि 18 लाख 66 हज़ार 869 लोग मर गए है.
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तेजस्वी ने कहा कि इसका मतलब 25 जनवरी से 24 जून तक 18 लाख 66 हजार 869 लोग मर गए? हम पूछना चाहते हैं कि इन मृतकों को पिछले वर्षों में मतदाता सूची में क्यों बनाए रखा गया था?
क्या इससे पहले निर्वाचन आयोग सो रहा था? और अब अचानक चुनाव से पहले इन्हें हटाना कैसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, जब इसकी निगरानी राजनीतिक दलों की सहमति से नहीं की गई?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या चुनाव आयोग में बीजेपी के 52 हजार 946 पंजीकृत BLA हैं? क्या इन BLA ने कभी भी चुनाव आयोग के समक्ष विदेशी नागरिकों का मामला नहीं उठाया.
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उन्होंने कहा कि क्या चुनाव आयोग ने बताया कि जिन 52 लाख 66 हजार मतदाताओं का ये नाम विलोपित करना चाहते है, इनमें से कितने दूसरे देशों के नागरिक हैं?
आरजेडी नेता ने आरोप लगाते हुए कि असल में चुनाव आयोग का यह पूरा पुनरीक्षण अभियान एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है. बिहार चुनाव में हार को देखते हुए ये बीजेपी के लोग कमजोर वर्ग, अल्पसंख्यक, दलित, पिछड़े और विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम सूची से हटा कर उन्हें लोकतंत्र और संविधान से बेदखल करना चाहते हैं. इनकी मनमानी हम बिहार में चलने नहीं देंगे.








