डेस्क- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे के हालिया भाषणों पर विवाद गहराता जा रहा है. बॉम्बे हाई कोर्ट के तीन वरिष्ठ वकीलों ने महाराष्ट्र के DGP को एक चिट्ठी लिखकर शिकायत की है और राज ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनके कथित भड़काऊ भाषण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, और उनके ‘भड़काऊ’ बयानों के लिए उनपर एनएसए लगाने की मांग की गई है.
वकीलों का कहना है कि मराठी भाषा सम्मान की आड़ में बीते कुछ दिनों में एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा अन्य राज्यों के नागरिकों पर भाषा को लेकर की गई मारपीट, अपमान और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जो गंभीर और असंवैधानिक स्थिति पैदा करती हैं.
वकीलों ने दावा किया है कि इस तरह के भाषण केवल महाराष्ट्र में ही नहीं, बल्कि देशभर में नफरत का माहौल बना रहे हैं. इससे सामाजिक एकता, शांति और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते इन बयानों और हिंसक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता की मानसिक स्थिति, कारोबार और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.
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वकीलों ने मांग की है कि इस गंभीर मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले सभी नागरिकों को संविधान के तहत जीवन, स्वतंत्रता, समानता और धार्मिक अधिकारों की गारंटी दी जानी चाहिए
वकीलों का कहना है कि सरकार की यह पहली जिम्मेदारी है कि वह राज्य में अराजकता और नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी हालात में मराठी भाषी या मुस्लिम समुदाय को जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नुकसान न हो.








