रांची- श्रावणी मेला 2025 की शुरुआत हो चुकी है. श्रावणी मेला में लाखों की संख्या में शिवभक्त भगवान शिव को जल अर्पण करने के लिए देवघर के बाबा धाम और दुमका स्थित बासुकीनाथ पहुंच रहे हैं.
ऐसे में पूरे देवघर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. करीब 12 हजार जवान और दर्जनों पुलिस के अफसर मिल कर श्रावणी मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
श्रावणी मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो इसके लिए विशेष तौर पर एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के साथ-साथ झारखंड जगुआर के कई एसाल्ट ग्रुपों की भी तैनाती की गई है. दुमका, देवघर और रेल धनबाद में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है.
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झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि श्रावणी मेला की सुरक्षा को लेकर सभी पुलिस अधिकारी बेहद सजग हैं. सभी अधिकारियों और जवानों की तैनाती श्रावणी मेले में एक महीने तक के लिए की गई है.
श्रावणी मेला के लिए डीएसपी स्तर के 60 से ज्यादा अफसरों की तैनाती की गई है. मेला के लिए देवघर और दुमका में कुल दो दर्जन ओपी और एक दर्जन के करीब अस्थायी यातायात ओपी भी बनाए गए हैं. इन सभी ओपी का प्रभार डीएसपी स्तर के अधिकारियों के जिम्मे दिया गया है.
डीएसपी स्तर के अधिकारियों के प्रभार वाले सभी ओपी क्लस्टर की तरह काम करेंगे, जहां पुलिसकर्मियों के साथ-साथ बिजली, सड़क, परिवहन, चिकित्सा समेत अन्य विभागों के पदाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है.
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श्रावणी मेले में अधिकांश श्रद्धालु रेलमार्ग से आते हैं. इसमें जसीडीह रेलवे स्टेशन पर डीएसपी स्तर के अधिकारी की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है. महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए अधिक संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारी और महिला आरक्षियों की प्रतिनियुक्ति की गई है.








