पटना- पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी पुलिस ने लगभग सुलझा ली है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या की साजिश बिल्डर अशोक साह ने रची थी. कारोबारी विवाद और पुरानी रंजिश को लेकर उसने पेशेवर शूटर को सुपारी दी थी.
इस मामले में पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी बिल्डर, शूटर और एक गन सप्लायर को पकड़ा है, जबकि एक अन्य अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस की जांच में सामने आया कि गोपाल खेमका और बिल्डर अशोक साह के बीच लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन को लेकर विवाद था.
इसी रंजिश में अशोक साह ने सुपारी किलर उमेश उर्फ विजय को हायर किया और गोपाल की हत्या की साजिश रच डाली. 4 जुलाई को खेमका को उनके ही घर के बाहर गोलियों से भून दिया गया. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य टेक्निकल इनपुट के जरिए शूटर उमेश तक पहुंच बनाई.
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8 जुलाई को पुलिस ने शूटर उमेश उर्फ विजय को मालसलामी इलाके से गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने कबूल किया कि खेमका की हत्या की उसे सुपारी दी गई थी. उसे एक लाख रुपए एडवांस दिए गए थे.
पुलिस को उसके पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, बाइक, 80 कारतूस, दो मोबाइल और एक लाख नकद भी बरामद हुआ. उसने बताया कि वह दिल्ली में ‘विजय’ नाम से रहता था और पहचान छिपाकर काम करता था. उमेश की निशानदेही पर पुलिस ने पटना सिटी के गंगा किनारे इलाके से हथियार भी बरामद किया और गन सप्लायर की तलाश शुरू की.
शूटर उमेश के बताए अनुसार पुलिस विकास उर्फ राजा की तलाश में मालसलामी पहुंची. मंगलवार तड़के 4 बजे जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो विकास ने टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.
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घटनास्थल से एक पिस्टल, जिंदा गोली और खोखा बरामद हुआ है. मौके पर पटना सिटी SDPO-2, SP और SSP समेत कई अधिकारी पहुंचे. विकास उर्फ राजा एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ कई हत्या और अवैध हथियार के मामले पहले से दर्ज थे. वह खुद भी सुपारी किलर रह चुका था.








