पटना- भारतीय जनता पार्टी के विधायक मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई है. विधानसभा सचिवालय की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना जारी हो गई है. मिश्री लाल यादव की सदस्यता 27 मई 2025 के प्रभाव से समाप्त हुई है.
बता दें कि, मिश्री लाल यादव अलीनगर विधानसभा से विधायक चुनकर आए थे. दरभंगा एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने उनके खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 8 तथा संविधान के अनुच्छेद 191( 3) कि के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई थी. 27 मई को ही एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर ने सजा सुनाई थी.
दरअसल, समैला निवासी उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें उन्होंने घेरकर फरसे से हमले करने की शिकायत की थी. साथ ही लूटपाट का भी आरोप लगाया था.
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इस मामले में एमपी/एमएलए की अदालत ने पहले मिश्री लाल यादव और गोसाईं टोल पचाढ़ी निवासी सुरेश यादव को दोषी करार देते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी लेकिन वादी की अपील के बाद आज सजा को बढ़ाकर 2 साल कर दिया गया. 2 साल और उससे अधिक की सजा होने पर विधायकों की सदस्यता समाप्त हो जाती है. लिहाजा मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई.
68 वर्षीय मिश्री लाल यादव पहले मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी में थे और वीआईपी की टिकट पर ही अलीनगर से चुनकर आए थे. बाद में बीजेपी में शामिल हो गये थे. उससे पहले 2003 से 2009 तक विधान परिषद के सदस्य भी रहे थे.








