पटना- अहमदाबाद विमान हादसे में मनीषा थापा के निधन के बाद उनके पूर्व शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन को गहरा सदमा लगा है.
आज कॉलेज में एक संवेदना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मनीषा के सहपाठियों, शिक्षकों और एल्युमिनाई सदस्यों ने भाग लिया और मनीषा की याद में एक पौधा कॉलेज परिसर में लगाया.
मनीषा के कॉलेज के दिनों की क्लास टीचर और कॉलेज में इकोनॉमिक्स की एचओडी कल्पना कुमारी ने बताया कि मनीषा एक मेहनती, प्रतिभाशाली और अनुशासित छात्रा थी. उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी. उसमें नेतृत्व के गुण स्पष्ट थे और वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थी.
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उसने अपने भविष्य में जल्दी सफलता हासिल की थी. यह देखकर हम सभी को गर्व था. उसकी असमय मौत ने हम सभी को झकझोर दिया है. उन्होंने कहा कि आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उसकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी.
कॉलेज के प्रिंसिपल फादर डॉ. मार्टिन पोरस बताते हैं कि एक बार वह इंडिगो की फ्लाइट से यात्रा कर रहे थे. इसी दौरान एक लड़की ने आकर उनके पैर छुए. यह लड़की मनीषा थी, जिसने उन्हें पहचान लिया था.
वह अपने काम को ब्रेक देकर उनसे मिलने आई थी और आते ही मुस्कुराते हुए कहा की सर, मैं मनीषा, जेवियर की स्टूडेंट हूं. उस समय मेरे चेहरे पर गर्व का भाव आ गया और मनीषा को अपने काम के दौरान मुस्कुराता देख काफी अच्छा लगा था.
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मनीषा थापा का परिवार पटना के जगदेव पथ इलाके के महुआ बाग इलाके में रहता है. पिता राजू थापा बिहार पुलिस में हैं, जबकि मां गृहणी हैं और बड़ा भाई अमित अच्छी नौकरी की तैयारी के लिए पढ़ाई कर रहे हैं. मनीषा के जाने से ना सिर्फ उनका परिवार, बल्कि उनके सभी शुभचिंतक और पूरा कॉलेज स्तब्ध है.








