पटना- बिहार पुलिस में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक ही स्कूल के लीव सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके ममेरे-फुफेरे भाइयों ने 41 साल तक नौकरी की. यह मामला तब उजागर हुआ जब उनमें से एक ने पेंशन के लिए दस्तावेज जमा किए.
जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों ने एक ही मैट्रिक सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके बिहार पुलिस में नौकरी पाई थी.बाद में, उसी सर्टिफिकेट का उपयोग करके दूसरे भाई ने भी पुलिस विभाग में नौकरी प्राप्त कर ली.
जांच में दोनों के आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और प्रथम योगदान स्थल में अंतर दिखा. वहीं शिवहर जिले से रिटायर हुए विक्रमा सिंह की प्रथम नियुक्ति रोहतास जिला बल में सिपाही पद पर हुई थी.
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लेकिन, जांच में शिवहर से रिटायर विक्रमा सिंह की पहचान कैमूर जिले के अटडीह गांव निवासी राजेंद्र सिंह के रूप में की गयी. विक्रमा सिंह और राजेंद्र सिंह दोनों रिश्ते में एक दूसरे के ममेरे फुफेरे भाई निकले.
वहीं, शिवहर से भी विक्रमा सिंह नामक दारोगा रिटायर हुए हैं, जिनके पिता का नाम, जन्म तिथि,स्थाई पता, पैन नंबर, ऊंचाई व छाती का माप आदि बिलकुल समान है. अब आर्थिक अपराध इकाई मामला दर्ज कर जांच में जुटी है.
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