पटना- वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद कानून बनने से सिर्फ एक कदम दूर है. अब इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. उनकी मुहर लगने के बाद भारत सरकार गजट अधिसूचना जारी करेगी और वक्फ विधेयक कानून बन जाएगा.
इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा से पास कराने में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो सहयोगी दलों- जनता दल यूनाइटेड (JDU) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) का महत्वपूर्ण योगदान रहा. हालांकि, वक्फ विधेयक का समर्थन करने के कारण जेडीयू के मुस्लिम नेता पार्टी से नाराज हैं.
मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, नदीम अख्तर, तबरेज सिद्दीकी और राजू नैयर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे अलग-अलग पत्रों में पार्टी से अपने इस्तीफे का ऐलान किया है.
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इन नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ने वक्फ विधेयक का समर्थन करके मुसलमानों का विश्वास खो दिया है, जो मानते थे कि उनके नेतृत्व वाली जदयू एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है. हालांकि, नीतीश कुमार को जेडीयू के एक अन्य मुस्लिम नेता जमा खान का पूर्ण समर्थन मिला है.
वहीं, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का कहना है कि जिन दो मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल के विरोध में जदयू से इस्तीफा देने का ऐलान किया है, उन्हें वह भी नहीं जानते.








