डेस्क- 1 अप्रैल, 2025 से कई नियमों में बदलाव किए गए हैं. फास्टैग से संबंधित भी कुछ बदलाव किए गए हैं। फास्टैग को सभी राज्यों में अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी इस पर छूट दी जा रही है। सभी वाहनों पर फास्टैग होना जरूरी है।
टोल भुगतान को सरल बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि फास्टैग सिस्टम पूरे देश में काम करे, NPCI ने NETC प्रोग्राम की शुरुआत की है।
बता दें फास्टैग एक छोटा RFID टैग है, जो ड्राइवर्स को टोल का भुगतान अपने आप करने में मदद करता है।
यह टैग वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है और सीधे बैंक अकाउंट से जुड़ा होता है। यदि फास्टैग नहीं होता है, तो ड्राइवर को दोगुना टोल चुकाना पड़ता है। एक बार जब किसी वाहन पर फास्टैग लगा दिया जाता है, तो उसे किसी अन्य वाहन में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
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फास्टैग को किसी भी बैंक से खरीदा जा सकता है, और यह राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) सिस्टम का हिस्सा है। यदि फास्टैग प्रीपेड अकाउंट से जुड़ा है, तो ड्राइवर को अकाउंट में बैलेंस खत्म होने पर उसे रिचार्ज करना होगा।
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