रांची- हजारीबाग में मंगला जुलूस के दौरान हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद सियासत शुरू हो गई है. बजट सत्र के दौरान विधानसभा पहुंचे सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक हजारीबाग हिंसा मामले पर उलझते नजर आए. बीजेपी विधायकों ने विधानसभा परिसर में हाथों में तख्ती लेकर जमकर नारेबाजी की और राज्य में गिरती कानून व्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया.
विधानसभा पोर्टिको में नारेबाजी कर रहे बीजेपी विधायकों ने सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए हिंदुओं के पर्व त्योहार में जानबूझकर उपद्रव फैलाने के लिए नाराजगी जताई.
बीजेपी विधायक उज्जवल कुमार दास ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या झारखंड में हिंदू पर्व त्योहार मनाना जुर्म है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से हजारीबाग में घटना हुई है, उससे साफ जाहिर होता है कि सरकार तुष्टिकरण कर रही है.
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इस मौके पर बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जिहादियों के द्वारा सनातनियों पर पत्थर फेंका गया है. उन्होंने कहा कि इस तरह से हिंदुओं के त्योहार में खलल डालना उचित नहीं है.
भाजपा विधायक के द्वारा लगाए जा रहे आरोप पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पलटवार किया है. झामुमो विधायक समीर मोहंती ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि धार्मिक भावना को भड़काने का काम बीजेपी हमेशा से करती आ रही है.
उन्होंने भाजपा के विधायकों को कांके में इलाज करने की सलाह देते हुए कहा कि सरकार राज्य में अमन चैन के लिए तत्पर है और समाज में हर जाति धर्म के लोग रहते हैं और उन्हें रहने का अधिकार भी है. किसी को भी धार्मिक भावना भड़काने का अधिकार नहीं दिया गया है.
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