यूपी- संसद में आम बजट 2025 पेश किया गया। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने लोकसभा से वॉकआउट कर लिया। सपा सुप्रीमो और सांसद अखिलेश यादव ने महाकुंभ की भगदड़ में मरने वाले लोगों की लिस्ट मांगी। उन्होंने बजट से ज्यादा महाकुंभ की घटना को जरूरी बताया।
आम बजट 2025 पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ 12 साल बाद आता है। हमारे लिए बजट के आंकड़ों से ज्यादा महाकुंभ में मची भगदड़ में मरने वालों का डेटा महत्वपूर्ण है। सरकार यह नहीं बता पा रही है कि कितने लोग मरे, लापता हुए या घायल हुए।
सरकार ने जो मौतों का आंकड़ा दिया है, वो झूठा है। आपने क्या इंतजाम किए हैं? ये सरकार कहती है कि हम हिंदुओं की पार्टी हैं, लेकिन हिंदुओं के इस सबसे बड़े पर्व के लिए वो इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। क्या यही है आपके विकसित भारत की परिभाषा कि भगदड़ में लोग मरेंगे।
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उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता समझ चुकी है कि इससे ज्यादा हिंदू विरोधी सरकार नहीं हो सकती। मेरी मांग है कि खोया-पाया केंद्र को सेना को सौंप दिया जाना चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इसमें शामिल उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय बजट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि महाकुंभ में लोग अपने रिश्तेदारों को ढूंढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री कई बार वहां जा चुके हैं, केंद्रीय गृह मंत्री वहां जा चुके हैं, आज उपराष्ट्रपति जा रहे हैं और प्रधानमंत्री भी वहां जाएंगे।
एक ऐसे महाकुंभ में जहां कई लोगों की मौत हो गई और सरकार मृतकों और लापता लोगों की संख्या बताने में विफल रही। हिंदुओं ने अपनी जान गंवाई है, सरकार को जागना चाहिए। मैंने पहले भी कहा था कि वहां सेना को बुलाया जाए। यह पहली बार हुआ है कि संतों ने अमृत स्नान से इनकार किया है।
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